सामूहिक विवाह आयोजन के पूर्व अनुमति लेना होगा    

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सामूहिक विवाह आयोजन के पूर्व अनुमति लेना होगा
           इंदौर

जिले में सामूहिक विवाह आयोजन के पूर्व सभी आयोजकों को अपने क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से अनुमति लेना होगी। अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाये। संभागीय संयुक्त संचालक एकीकृत बाल विकास सेवा इंदौर  श्री राजेश मेहरा ने बताया कि अक्षय तृतीया पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह में बाल विवाह होने की संभावना अधिक होती है। सामूहिक विवाह समारोह में बाल विवाह को रोकने के लिए शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये है कि सामूहिक विवाह के आयोजकों को आयोजन की अनुमति क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी से लेना होगी। अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा आयोजन की अनुमति इसी शर्त पर दी जायेगी कि उक्त आयोजन में वर की आयु 21 वर्ष एवं वधू की आयु 18 वर्ष से कम न हो। आयोजकों को वर-वधू की सूची मय फोटो एवं आयु प्रमाण पत्रों के प्रस्तुत करनी होगी। इसके अभाव में सामूहिक विवाह आयोजन करने की अनुमति अनुविभागीय दण्डाधिकारी नहीं दे सकेंगे।
श्री मेहरा ने बताया कि अक्षय तृतीय के अवसर एवं आगामी मुहुर्त में बाल विवाह को रोकने हेतु सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में उड़नदस्तों का गठन किया गया है। इस दल में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। ये उड़नदस्ते विवाह स्थलों का भ्रमण कर वर-वधु की आयु की परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करेंगे।
उड़नदस्ता दलों द्वारा उनके क्षेत्राधिकार में यदि कोई बाल विवाह होना पाया जाता है, तो विवाह में सेवा देने वाले सभी प्रकार के सेवा प्रदाताओं एवं विवाह संपन्न कराने वालों के विरूद्ध  बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।

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